खुद में और दूसरों में आत्मविश्वास जगाने के लिए हर कोई ‘असामान्य’ है, मैं ‘असामान्य हूँ’ यह समझने के लिए... हर कोई ‘असामान्य’ है, मैं ‘असामान्य हूँ’ यह समझने के लिए... मनोज अंबिके एक तज्ञ प्रशिक्षक, व्यवस्थापकीय सलाहगार, संपादक, लेखक ऐसी कई सारी भूमिकाएं पिछले 20 सालों से निभा रहे हैं। मानसशास्त्र, कार्यक्षमता, लीडरशीप, संभाषण कौशल, आत्मविश्वास, पेरेंटिंग, व्यवस्थापन कौशल... इन महत्त्वपूर्ण विषयों में वह विशेषज्ञ है। संवाद कौशल, मन का व्यवस्थापन, सोशल इंजिनिअरिंग, लीडरशीप, सकारात्मक पेरेंटिंग ऐसे चालीस से अधिक विषयों पर उनकी कार्यशालाएं महाराष्ट्र में लोकप्रिय है। इन कार्यशालाओं के द्वारा उन्होंने आज तक लाखों लोगों को प्रशिक्षण दिया है। इनमें संचालक, अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, गृहिणी इनके साथ साथ कई सारे प्रोफेशनल्स शामील है। ‘कानमंत्र आई-बाबांसाठी’, प्रतिसाद जैसे कई सारे बेस्ट सेलर किताबों के वह लेखक हैं। कई सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं को वह मार्गदर्शन करते है।